छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कब आएगा राम राज
बालक भगवान- समाचार का दिनांक :10-04-2024 490 Views
रायपुर { वफादार साथी }| हिंदू धर्म में भगवान राम को भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है। वे अयोध्या के महाराजा दशरथ के 4 पुत्रों में से सबसे बड़े पुत्र थे। उन्हें एक आदर्श पुरुष के रूप में देखा जाता है। उनके चरित्र में ऐसी कई विशेषताएं हैं जिन्हें अपनाने पर व्यक्ति हर समस्या का निदान पा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सभी शासकीय लोकसेवकों को राम के चरित्र के अनुसार कार्य करने का आदेश देना चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के अधिकारियों को सीधा आदेश देना चाहिए कि कोई भी आर टी आई का आवेदक कुछ भी जानकारी मांगते हैं तो उसे तत्काल दस्तावेज़ प्रदान करना चाहिए।
पिछले 5 वर्षों में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में आर टी आई के जितने भी आवेदन लगे उसे कोई ना कोई गलत धारा का उल्लेख करके दस्तावेज़ नहीं दिए गए, ऐसा क्या कारण हैं कि अनेक पैसा वाले लोग के लड़के और लड़कियां ही छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से नौकरी पा लिए, विष्णुदेव साय ने सी.बी.आई. जांच की घोषणा किया था मगर अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो रही है, इस पर सोशल मीडिया में तरह तरह का बाते एवम संदेह उठ रहा है।
पारदर्शी व्यवस्था पर कुछ काम नहीं करते कोई भी नेता "" समस्या और निदान "" कोई भी पार्टी का कोई भी नेता नहीं बोलता पारदर्शी व्यवस्था कायम करने के लिए इसके पीछे का राज आपको बता दे, वे
एक दूसरे के खिलाफ़ रोज मीडिया में बयानबाजी करते हैं पर अदालत में जाकर मुकदमा दर्ज करने के लिए परिवाद दायर नहीं करते हैं, सबसे पहले तो केंद्र सरकार को "" जुडिशियल रिफार्म "" करना चाहिए और प्रत्येक 1हजार व्यक्ति के पीछे 1 जज सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाई कोर्ट, जिला न्यायालय में नियुक्त किया जाय जिससे 1साल के अंदर निर्णय लेना जनता का संवैधानिक अधिकार हो, अभी की स्थिति तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख होकर सिर्फ नागरिक को गरीब बनाया जा रहा है ।
छत्तीसगढ़ के चिन्हित कुख्यात जनसूचना अधिकारी कार्यालय जो लगभग 90% आवेदनों को कोई ना कोई कारण बता कर खारिज कर देते हैं और अभी तक सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 4 - 1- ख लागू नहीं किया है उनके नाम निम्न हैं।
जनसूचना अधिकारी एवम कार्यालय, छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, रायपुर
जनसूचना अधिकारी एवम कार्यालय एंटी करपश्न, रायपुर
जनसूचना अधिकारी एवम कार्यालय छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर, रायपुर
जनसूचना अधिकारी एवम कार्यालय छत्तीसगढ़ लोक स आयोग, गांधी चौक, रायपुर
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, धमतरी
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, बिरगुड़ी
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, उत्तर सिंगपुर
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, दक्षिण सिंगपुर
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, केरेगांव
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, बिलासपुर इसमें रेंजर पल्लव नायक के कार्यकाल के पूर्व का हैं
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, बेलगहना
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, रतनपुर
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, नैला जांजगीर
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, कोरबा
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, मरवाही
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, गुरुर
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, बालोद
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, Doundi lohara
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, Doudi
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, कोंडागांव
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, बलौदाबाज़ार
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, सोनाखान
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, करतला
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, बलौदा
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, रायगढ़
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, देवपुर, वैसे इसको बहुत पहले 1 लाख रूपए का पेनाल्टी हो चुका है
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी एवं कार्यालय वनपरिक्षेत्र अधिकारी, गुरुर
{ हमारे आवेदनो में इसको धारा 18 के कुछ समय पश्चात लाखों रूपए का नोटिस जारी होगा }
जनसूचना अधिकारी समझते हैं की कुछ भी चिट्ठी लिख दो उसके बाद हम बच जाएंगे ऐसा नहीं है क्योंकि अनेक बार गलत चिट्ठी लिखने से भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 167,168, 417, 420, 467, 468, 471, 120 बी एवं 34 का अपराध भी कायम हो सकता है जिसमें आजीवन कारावास पड़ना तय है।
आप अपने नेता से निम्न मांग करे।
1. सभी माननीय न्यायालयों के माननीय न्यायाधीशों की नियुक्ती पूर्ण पारदर्शी तरीके से ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ, कर्मठ, निडर लोगों की नियुक्ति हो और 1 माह के अंदर न्याय मिलना आम नागरिकों का अधिकार हो तभी "" राम राज "" आयेगा।
2. सभी राजनैतिक दलों को मिलने वाला चंदा का हिसाब किताब वेबसाइट पर होना चाहिए, राजनैतिक दलों के द्वारा जो भी रैली, प्रदर्शन, धरना, आम सभा का हिसाब किताब रोज के रोज खर्चा का हिसाब किताब वेबसाइट पर डाला जाना चाहिए तभी "" राम राज "" आयेगा।
3. जिनका एक संतान रहेगा उसे ही सरकारी नौकरी, सरकारी योजनाओं का लाभ, चुनाव लड़ने की पात्रता, वोट डालने का अधिकार होना चाहिए, एक से अधिक संतान वालो को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा चाहिए तभी "" राम राज "" आयेगा।
4. भ्रष्टाचार करने वाले को आजीवन कारावास के साथ उनकी पुरी चल अचल संपत्ति को जप्त करने का कठोर कानून हो जो एक माह के भीतर निर्णय देवे तभी "" राम राज ""आयेगा।
5. प्रदूषण करने वाले, गंदगी फैलाने वाले को, नशाखोरों, अवैध कब्जा और अतिक्रमण करने वाले, अपराधी, आतंकवादी, नक्सलवादी, मावोवादी एवम अन्य बैंक फ्राड करने वाले को वोट देने का अधिकार छीना जाय और इनको सरकारी नौकरी और सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा चाहिए तभी "" राम राज "" आयेगा।
6. माननीय सुप्रीम कोर्ट, सभी प्रदेशों के माननीय उच्च न्यायालय, पुरे देश के सभी जिला न्यायालयों में प्रकरण की पेंडेसी को ख़त्म करने के लिए आवश्यक पदों की भर्ती पारदर्शी तरीके से किया जाय तभी "" राम राज "" आयेगा।
7. किसी भी प्रकार का पेड़ हो उसे काटना प्रतिबंधित और सभी आरा मशीनों और लकड़ी से बनने वाले सामग्रियों पर प्रतिबंध लगे और वृक्षारोपण को नुकसान पहुचाने वाले से नुकसान का दस गुना वसूल कर उसे सजा दिया जाय तभी "" राम राज "" आयेगा।
8. जाति का जहर बोने वाले, एक परिवार से एक व्यक्ति ही चुनाव लड़ सके ऐसा व्यवस्था हो एक परिवार के सभी लोग चुनाव लड़ने का विरोध में कानून बने तभी "" राम राज "" आयेगा।
9. E D और आयकर विभाग की शाखा पूरे ग्राम पंचायत तक होना चाहिए कई सरपंच और सचिव करोड़पति बन गए हैं इसके खिलाफ़ कठोर कानून बनेगा तभी "" राम राज "" आयेगा।
10. आरक्षण का आधार गरीबी हो जिसका मां कलेक्टर और पिता पुलिस अधीक्षक या माता , पिता- विधायक, सांसद हो उसके संतानों को आरक्षण नहीं मिलना चाहिए, आरक्षण का लाभ जाति में नहीं होकर आय के आधार पर सभी जाति के गरीबों को लाभ एक बार ही मिले, पहली कक्षा से कलेक्टर बनते तक आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए, एक व्यक्ति एक बार ही आरक्षण का लाभ लेवे, प्रदूषण करने वाले, गंदगी, अवैध कब्जा और अतिक्रमण करने वाले, अपराधी, आतंकवादी, नक्सलवादी, मावोवादी एवम अन्य बैंक फ्राड करने वाले को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए
तभी "" राम राम "" आयेगा।
"" राम राज ""उसी समय आएगा जब जनता व्यवस्था परिवर्तन के आधार पर वोट करेगी, किसी मुफ्त योजना के लालच में आकर वोट देगें तो "" राम राज"" नही आयेगा, राम मन्दिर तो बन गया अब भारत में "" राम राज "" लाना जरुरी है इसके लिए नागरिकों को जागृत होना होगा, जब नागरिक जागृत होगा तभी "" राम राज "" आयेगा।
विष्णु देव साय को चाहिए कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में गत 5 वर्ष में जितने भी शिकायत जनता से मिले हैं उसे सार्वजनिक रूप से जांच करवाए तभी बेरोजगार युवाओं को न्याय मिलेगा। विष्णु देव साय को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में राम राज लाने के लिए कार्य करना चाहिए, प्रभु राम के चरित्र को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के लोक सेवकों को आत्म सात करना चाहिए।
प्रभु श्री राम के चरित्र से बहुत से बाते हमें सीखने को मिलती हैं, और असंख्य ऐसी शिक्षाएं मिलती है, जो हमें इस कलयुग में भी जीवन जीने कि कला सिखाती हैं । जिसको में कई भागों में आपको बताने का प्रयत्न करूंगा, और मै यह भी कह सकता हूं कि किसी भी मानव, मुनि, संत, या काव्य में उनके त्याग, उनके अनन्य प्रेम, व तपोबल के विषय में लिखना असंभव है, मै फिर भी कुछ बातें लिखने कि कोशिश करूंगा ।
प्रभु अनंत प्रभु कथा अनंता ।
• सर्वप्रथम अपने अनुज भाइयों से जो प्रभु श्री राम का अनन्य प्रेम था, वो आज के समय में संभव नहीं, हम इस कलयुग में अनावश्यक ही अपने अनुज पर क्रोध, या मित्या आरोप लगाते हैं, मगर श्री राम प्रभु ने सदैव अपने अनुज से प्रेम किया
• पतिव्रता, ऐसा कहा जाता है कि मां सीता ने प्रभु श्री रामचन्द्र से प्रश्न किया था के आप भी अपने कुल के अन्य राजाओं के भाती एक से अधिक विवाह करेंगे तो प्रभु ने मां सीता को वचन दिया था, की राम सिर्फ सीता का है, ऐसा पतिव्रत धर्म निभाना आज संभव नहीं ।
• पिता की आज्ञा को बिना प्रश्न ही सहर्ष स्वीकार किया और 14 वर्ष तक वन वन विचरण किया ।
• जो स्वयं सृष्टि के रचयिता थे, मगर जिन्होंने साधारण मानव की भांति अपने रूप को सुशोभित किया, वे भरत मिलाप पर मासूम बालक की तरह रोएं, अपने प्रिय अनुज लक्ष्मण के मूर्छित होने पर भी ऐसे ही सहज रोने लगे ।
• जब मां सीता ने स्वयं प्रजामत से राजमहल त्यागने का निश्चय किया, तब आप राज महल का भोग त्याग, जमीन पर सोए, व उस गम को मन में रखते हुए राजधर्म का पालन किया ।
• मां सीता ने जब धरती में समाने का निश्चय किया तब भी क्रोध कि अग्नि, अपने तेज से व सीता के प्रति अपने स्नेह में वशीभूत होकर वह धरती को नष्ट भी कर सकते थे, मगर उस वक़्त भी उन्होंने इस गम को सहर्ष स्वीकार किया ।
इन सब बातों से हमें यह सीख मिलती है कि जो स्वयं भगवान है, जो अपने भक्त के मन की सब बात को जानते है, संसार मे होने वाली हर घटना की जिन्हें जानकारी हैं फिर भी उन्होंने अपने गम को मानव की भांति स्वीकार किया, मगर हम मानव जरा से दुःख से विचलित हो जाते हैं, अनावश्यक ही अपने कर्मों को, विधाता को, कई बार भगवान को भी गलत बोलते हैं, हमें उस समय प्रभु का स्मरण कर उस दुःख का सामना करना चाहिए, ताकि उस दुःख का आसानी से हल निकल सके ।
इन सब बातों को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के लोक सेवकों को रोज पढ़ना चाहिए, किसी बेरोजगारों के हक को मारकर अपात्र एवम नालायक व्यक्ति को शासकीय नौकरी देने से अक्षम्य अपराध है इससे गरुड़ पुराण में वर्णित है। इस तरह का कार्य करने से भले ही कानून की आंख में धूल झोंक दोगे मगर ऐसा कृत्य करने वाले को कभी भी सुख नहीं मिल सकता।
लेखक - अनिल कुमार अग्रवाल, रायपुर, छत्तीसगढ़
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