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ग्राम पंचायत के सचिव और सरपंच क्यों नहीं ला पा रहे राम राज, एक चिंतन |

रायपुर { वफादार साथी }
  • समाचार का दिनांक :08-03-2024 277 Views
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ग्राम पंचायत के सचिव और सरपंच क्यों नहीं ला पा रहे राम राज, एक चिंतन

रायपुर { वफादार साथी } | कुछ दिनों से विभिन्न ग्राम पंचायतों के कार्य प्रणाली पर कार्य किया अनेक मेरे जासूसनुमा पंचों और पूर्व सरपंचों, हारे हुऐ सरपंचों का आर्थिक स्थिति का आंकलन किया। अभी ग्राम पंचायतों में राम राज आने के लिए बहुत से कार्य करना होगा। धीरे धीरे जाति का ज़हर बढ़ते जा रहा है, जब तक ग्राम पंचायतों के अंतिम व्यक्ति को घर, रोजगार और सुरक्षा, न्याय मिल सके, कुछ मेरे ईमानदार मित्र सचिव बताते हैं कि कुछ ग्राम पंचायत के कुछ पंच रोज दारू पीने के लिए पैसा मानते हैं और अपने पद का दुरुपयोग कर सचिव लोगों को तंग करते हैं।

कुछ सचिव जो ईमानदार से काम करते हैं उन्हे सताया जाता है, बार बार सत्ताधारी पार्टी के शासकों के द्वारा विभिन्न कार्यक्रम में बस भर कर भीड़ लाने को कहा जाता हैं ये भीड़ आते और जाते गुटका, चाय, समोसा, कचौड़ी फिर रात को खाना और दारू का व्यवस्था करने के लिए ईमानदार सचिव को दवाब डाला जाता है।

कुछ सचिव तो इन्हीं सब दबाव में जीकर अपना बल्ड प्रेशर, शुगर इत्यादि के रोगी हो गए, कुछ लोग अपने लाजवाब हुस्न का तेज से सबको घायल कर मनमानी करते हैं जिसका सामाजिक मर्यादा के चलते नाम नहीं लिख सकता, वैसे ये सब विभाग में हैं जैसे की जंगल के रहनुमा के करिंदे धमतरी और राजनांदगांव में भी अपने नूर की कयामत ढा कर धन बटोरा जा रहा है। इनका नूर के चलते इन्हे मनचाहा जगह पोस्टिंग मिल गया है।

कुछ सचिव तो सरपंच के दबाव में कार्य करने के कारण ग्राम पंचायत की राशि का भ्रष्टाचार करते हैं जब तक व्यवस्था परिवर्तन के लिए ग्राम पंचायत के नागरिक आवाज़ नहीं उठाएंगे तब तक राम राज नहीं आयेगा, राम राज का मतलब ग्राम पंचायत में दारू, गांजा, अवैध कब्जा, अतिक्रमण, जाति का ज़हर, भ्रष्टाचार ख़त्म कर सिर्फ और सिर्फ न्यायपुर्ण व्यवस्था होना चाहिए।

आख़िर क्यों लोग तेजी से गांव को छोड़ कर शहर में आकर बस गए, देश में अनेक शंकराचार्य, महामंडलेश्वर, जगत गुरु, मन्दिर,मस्जिद,गुरुद्वारा, प्रवचन कार, सूफी -  संत और राम, कृष्ण की भूमि होने के बाद भी भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जनसंख्या विस्फोट, शांतीदूतों की गतिविधियां चल रही है, ये उसी समय बंद होगा जब राम राज आयेगा, भगवान राम चन्द जी राज सत्ता को छोड़कर वन वन भटकते रहे, वर्तमान शासकों को भी भगवान राम के चरित्र को अपनाना होगा और त्याग और सेवाभाव से राज सत्ता स्थापित करना चाहिए , मगर अफसोस ऐसा नहीं सत्ता से पैसा और पैसा से सत्ता का खेल चल रहा है, आपका यह नाचीज़ अनिल कुमार अग्रवाल व्यवस्था परिवर्तन का अभियान चलाया है, इसमें हम व्यवस्था परिवर्तन के द्वारा राम राज लाने के लिए कार्य करेगे, पुरे देश के 140 करोड़ जनता से आग्रह है कि आपके "" वफादार साथी न्यूज़ पोर्टल "" द्वारा जनहित में व्यवस्था परिवर्तन के अभियान चलाया जा रहा है जिसकी शुरुवात ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ सचिव व सरपंच को हम सम्मानित कर उनका मान बढ़ाया जाएगा।

लेखक - अनिल कुमार अग्रवाल, रायपुर, छत्तीसगढ़

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