जय महाकाल संग माँ कामख्या, अलख योनित्र प्रणाम
- समाचार का दिनांक :02-08-2022 272 Views
दशम तंत्र:- दशम तंत्र को कर कोई भी सकता है किस भी पंथ का साधक जो गलत काम करता हो या कोई भी तांत्रिक किसी स्वार्थ में लेकिन इसका तोड़ केवल ओर केवल अघोर तंत्र में ही मिलता है इसका उललेख लगभग अघोर में सब जगह मिल जाता है।
दशम तंत्र में काली पारलौकिक शक्तियों के साथ पीड़ित व्यक्ति का पुतला बना कर उसके साथ ही तंत्रोक्त प्रक्रिया को उचित समय और सामग्रियों से पूरा करके बांध दिया जाता हैओर उन दोनों पुतलों को एक धातु कलश में उचित प्रक्रिया से दाल कर उसको काले कपड़े में लपेट कर एक विशेष दिन केवल किस वीरान स्थान में दबा दिया जाता है। और इस क्रिया के बाद चरण ही वो पीड़ित स्त्री पुरुष उस काली पारलौकिक शक्ति के अधीन हो जाता है।और उस पारलौकिक शक्ति के असर में आकर उसके अनुसार ही उसका प्रभाव दिखाना सुरु कर देते हैमुख्यतः इसका असर कुछ विशेष अंगों ओर नाभि पर आता है सबसे पहले उसके बाद समय के साथ साथ सम्पूर्ण सृरीर पर।जैसे लगातार डरना,अचानक बीमार,लगातार विशेष अंगों से रक्त या वीर्य का निकलना,यौनांगों का गिला रहना,सबसे अकेला रहने का मन होना और वीरान या सुनसान जगह में घूमना या जाना ,साथ ही अंधेरे में रहना और किसी विशेष दिन के समय पर जोर जोर से चीखने का मन करना।
जय महाकाल सँग मा कामख्या
अलख उर्वीत्र प्रणाम
तमस तंत्र:- इस तंत्र का उपयोग मुख्यतः दुश्मन को बर्बाद करने हेतु किया जाता है।इस क्रिया का पूर्ण विवरण तो नही बताऊंगा लेकिन इसमें किसी भी स्त्री पुरुष के अंतः वस्त्रों का पुतला बना कर शमशानी क्रिया कर उसको मुख्यतः मानसिक,सारीरिक ओर आर्थिक परेशानी के साथ ही सामाजिक रूप से भी बदनाम किया जाता है।अगर आपके साथ:-
1.रात्रि में चाहे वो स्त्री हो या पुरुष संभोग अथवा अंतरंग क्रिया महसूस हो।
2.अर्धचेतन अवस्था मे होते हुए समस्त क्रिया का अनुभव होना।तथा चाहते हुए भी स्वयं का स्वयं के सरीर पर ही नियंत्रण न होना।
3.किसी खास समय या दिन पर चारो तरफ मीठी सुगंधित अथवा बदबूदार तीव्र गंध आना
4.किन्ही खास अंगों में निश्चित समय पर तीव्र दर्द कुछ समय के लिए होना।
5.कोई बीमारी न होते हुए भी लगतर बीमार रहने
6.नितम्बो पर लगातार स्पर्श महसूस होना।
7.आर्थिक स्तिथि जैसे व्यापार में अचानक से गंभीर हानियां ओर पैसों के आने में कमी।
8.गंभीर सारीरिक नुकसान ओर आर्थिक नुकसान से मानसिक संतुलन बिगड़ने।
9. समाज मे सामाजिक रूप से गंभीर हानि या परिवारजनों के शत्रुतुल्य व्यवहार,या समाज मे प्रतिष्ठा में ओरो की अपेक्षा कमी।
ओर भी कई कारण है जो कभी फिर बताऊंगा।
अतह इन प्रकार के लक्षणों हेतु उपचार जरूर करवाये।ओर एक बात जो इन उपचार हेतु पैसों की मांग करे उनसे बिल्कुल चक्कर मे न आवे।