सावन मास भगवान शिव का प्रिय महीना है ।
- समाचार का दिनांक :06-08-2022 291 Views
रायपुर।इस मास मे भक्त और साधक विविध प्रकार से शिव पूजन करते है ।
तंत्र जगत मे महादेव का विशिष्ट स्थान है ।
तंत्र के आदि और अन्त दोनो ही शिव है ।
मनोकामना अनुसार शिव अभिषेक सामग्री
पुत्र प्राप्ति के लिए--- दूध से
लक्ष्मी प्राप्ति के लिए --- गन्ने का रस या गुडोदक से
शत्रु नाश के लिए --- सरसों के तेल से
रोग नाश के लिए -- कुशोदक से ।
जानिये घर में किस चीज़ की धूनी (धूप) करने से क्या फायदा होता हैं ।
आज आप को बहुत फायदे की बाते बताता हू, जिस मे हर तरह से फायदा हैं !आप का मन पूजा मे भी लगेगा ओर हेल्थ, वेल्थ , वास्तु, करें कराये मे भी फायदा होगा !
घरों में धूनी (धूप) देने की परंपरा काफी प्राचीन है। धूप देने से मन को शांति और प्रसन्नता मिलती है। साथ ही, मानसिक तनाव दूर करने में भी इससे बहुत लाभ मिलता है। घरों में धूनी देने के लिए कई तरह की चीज़ें आती है। आइए जानते है किस चीज़ की धूनी करने से क्या फायदे होते है।
1- कर्पूर और लौंग
रोज़ाना सुबह और शाम घर में कर्पूर और लौंग जरूर जलाएं। आरती या प्रार्थना के बाद कर्पूर जलाकर उसकी आरती लेनी चाहिए। इससे घर के वास्तुदोष ख़त्म होते हैं। साथ ही पैसों की कमी नहीं होती।
2- गुग्गल की धूनी
हफ्ते में 1 बार किसी भी दिन घर में कंडे जलाकर गुग्गल की धूनी देने से गृहकलह शांत होता है। गुग्गल सुगंधित होने के साथ ही दिमाग के रोगों के लिए भी लाभदायक है।
3- पीली सरसों
पीली सरसों, गुग्गल, लोबान, गौघृत को मिलाकर सूर्यास्त के समय उपले (कंडे) जलाकर उस पर ये सारी सामग्री डाल दें। नकारात्मकता दूर हो जाएगी।
4- धूपबत्ती
घर में पैसा नहीं टिकता हो तो रोज़ाना महाकाली के आगे एक धूपबत्ती लगाएं। हर शुक्रवार को काली के मंदिर में जाकर पूजा करें।
5- नीम के पत्ते
घर में सप्ताह में एक या दो बार नीम के पत्ते की धूनी जलाएं। इससे जहां एक और सभी तरह के जीवाणु नष्ट हो जाएंगे। वही वास्तुदोष भी समाप्त हो जाएगा।
6- षोडशांग धूप
अगर, तगर, कुष्ठ, शैलज, शर्करा, नागर, चंदन, इलायची, तज, नखनखी, मुशीर, जटामांसी, कर्पूर, ताली, सदलन और गुग्गल, ये सोलह तरह के धूप माने गए हैं। इनकी धूनी से आकस्मिक दुर्घटना नहीं होती है।
7- लोबान धूनी
लोबान को सुलगते हुए कंडे या अंगारे पर रख कर जलाया जाता है, लेकिन लोबान को जलाने के नियम होते हैं इसको जलाने से पारलौकिक शक्तियां आकर्षित होती है। इसलिए बिना विशेषज्ञ से पूछे इसे न जलाएं।
8- दशांग धूप
चंदन, कुष्ठ, नखल, राल, गुड़, शर्करा, नखगंध, जटामांसी, लघु और क्षौद्र सभी को समान मात्रा में मिलाकर जलाने से उत्तम धूप बनती है। इसे दशांग धूप कहते हैं। इससे घर में शांति रहती है।
9- गायत्री केसर
घर पर यदि किसी ने कुछ तंत्र कर रखा है तो जावित्री, गायत्री केसर लाकर उसे कूटकर मिला लें। इसके बाद उसमें उचित मात्रा में गुग्गल मिला लें। अब इस मिश्रण की धुप रोज़ाना शाम को दें। ऐसा 21 दिन तक करें।
सावधान
आज कल कुछ तथाकथित लोग मनगढंत और गलत मंत्र दे रहे है ।
जिससे कुछ लोगो को भयंकर नुकसान हुआ है ।
ऐसा न करे आप किसी का जीवन बर्बाद कर रहे है ।
मंत्र स्वर विज्ञान का निचोड़ होता है । गलत मंत्र जपने पर बहुत नुकसान हो सकता है ।
नये साधकों से भी निवेदन है । कि बहुत शक्तिशाली मंत्रों का भ्रम न पाले । नये नये मंत्र try न करे ।
एक बात नोट कर ले की मंत्रों की शक्ति अधिक से अधिक जाप करने पर बढती है । चाहे वह मंत्र बडा हो या छोटा ।
छोटे सात्विक मंत्र भी बहुत चमत्कारी हो जाते है । एक निश्चित संख्या पूरी होने के बाद
कोई भी आपको जागृत करके मंत्र नही दे सकता । ज्ञानी केवल मंत्र और उसका विधान बता देते है । मेहनत तो आप को ही करनी पड़ेगी ।
कोई भी मंत्र मिलने पर अपने गुरू या किस ज्ञानी से अवश्य चर्चा कर ले । कई बार किताबों के मंत्र भी imprinting से गलत छप जाते है ।
अशुद्ध मंत्र जप से हानि की संभावना प्रबल होती है ।
संकलनकर्ता - अनिल अग्रवाल, रायपुर